90 voltage automatic stabilizer
90 वोल्ट से काम करने वाला ऑटोमेटिक वोल्टेज स्टेबलाइजर (90V to 280V/300V) ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए एक बेहतरीन और बेहद उपयोगी प्रोजेक्ट है। इसे असेंबल करने के लिए आपको सही कंपोनेंट्स, वायरिंग डायग्राम और स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस की समझ होनी चाहिए। यहाँ 90 वोल्ट ऑटोमेटिक स्टेबलाइजर (आमतौर पर 3 KVA या 5 KVA) को असेंबल करने की पूरी प्रक्रिया दी गई है: 1. आवश्यक कंपोनेंट्स (Required Components) ट्रांसफॉर्मर (Transformer): 90V-290V लूप वाला मुख्य ऑटो-ट्रांसफॉर्मर (कॉपर या एल्युमिनियम वाइंडिंग, आपकी क्षमता के अनुसार जैसे 3KVA या 5KVA)। इसमें आमतौर पर 12V-0V या 18V-0V की एक अतिरिक्त वाइंडिंग होती है जो माइक्रोकंट्रोलर किट को पावर देती है। माइक्रोकंट्रोलर/ऑटोमेटिक कट किट (Microcontroller PCB Circuit): यह स्टेबलाइजर का दिमाग है जो वोल्टेज को सेंस करके रिले को ट्रिप कराता है। (उदा. 7-रिले किट या 5-रिले किट)। रिले (Relays): 12V या 24V DC पर चलने वाले हैवी-ड्यूटी रिले (25A या 30A/40A क्षमता के, किट और लोड के अनुसार आमतौर पर 4 या 5 रिले)। कैबिनेट/चेसिस (Cabinet): स्टेबलाइजर की मेटल बॉडी। डिजिटल/एनालॉग मीटर: इनपुट और आउटपुट वोल्टेज देखने के लिए। Rocker Switch / Push Button: इनपुट/आउटपुट वोल्टेज स्विच करने के लिए। MCB (Miniature Circuit Breaker): ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन के लिए (मुख्य इनपुट पर)। इंडिकेटर्स (LEDs): मेन्स ऑन (Green), लो-वोल्टेज/हाई-वोल्टेज कट (Red), और टाइम डिले (Yellow)। अन्य सामान: कनेक्टिंग वायर्स (हैवी गेज मुख्य वायरिंग के लिए और पतला वायर किट के लिए), थिम्बल (Thimbles), सोल्डरिंग आयरन, स्क्रू और नट-बोल्ट। 2. असेंबलिंग की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया स्टेप 1: कैबिनेट की तैयारी और माउंटिंग (Mechanical Assembly) सबसे पहले खाली कैबिनेट लें और उसमें सभी भारी कंपोनेंट्स को जगह पर कसें। ट्रांसफॉर्मर को कैबिनेट के बेस में नट-बोल्ट की मदद से मजबूती से टाइट करें ताकि यह वाइब्रेट न करे और हमिंग (आवाज) न आए। रिले बोर्ड या रिले सेट को कैबिनेट के अंदरूनी हिस्से में इंसुलेटर शीट रखकर स्क्रू करें। फ्रंट पैनल पर डिजिटल मीटर, MCB, LED इंडिकेटर्स और स्विच को फिट करें। बैक पैनल पर इनपुट-आउटपुट कनेक्टर स्ट्रिप (Bakelite Strip) और मेन लीड ग्लैंड को लगाएं। स्टेप 2: रिले और ट्रांसफॉर्मर की वायरिंग (Power Wiring) 90 वोल्ट के स्टेबलाइजर में ट्रांसफॉर्मर के अलग-अलग लूप्स (Taps) को रिले के अलग-अलग पॉइंट्स पर जोड़ा जाता है ताकि वोल्टेज कम होने पर रिले बूस्ट (Boost) कर सके और ज्यादा होने पर बक (Buck/कम) कर सके।
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