"दिल्ली का ठग" (१९५८) फिल्म का, "किशोर दा" और "आशा ताइ- भोसले जी" का, गाया हुआ, एक बहोत ही सुंदर, रोमैंटिक युगल गीत, जीसे संगीत से सजाया था, "रवी शंकर शर्मा- रवी साबने", "ये राते, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा" की धुनपर, कान्हा का एक बहोत ही जबरदस्त भावपूर्ण भजन.