Bairan
BAIRAN SI RAAT Song by Nagaram Kaushik चाँद भी आज मुझसे खफा सा लगे, तेरी यादों का मौसम धुआं सा लगे… दिल में छुपा के रखा था जो राज मैंने, तेरे बिना अब वो सज़ा सा लगे… तेरे बिना ये धड़कन अधूरी लगे, हर हंसी भी अब थोड़ी मजबूरी लगे… तू क्यों बनी मेरी बैरन सी रात, नींदें चुरा के छोड़ गई बात… दिल मेरा रोए तेरे ही नाम, तू ही दवा, तू ही है जख्म आज… राहों में तेरी परछाईं ढूंढता, ख्वाबों में भी तेरा चेहरा पूछता… पास थी जब तू, कदर ना की मैंने, अब हर पल तुझको ही सोचता… तेरे बिना ये दुनिया अधूरी लगे, हर सुबह भी जैसे अंधेरी लगे… तू क्यों बनी मेरी बैरन सी रात, नींदें चुरा के छोड़ गई बात… दिल मेरा रोए तेरे ही नाम, तू ही दवा, तू ही है जख्म आज… अगर कभी तू लौट के आए, इन बाहों में फिर से समाए… मैं भूल जाऊं सारी ये दूरी, बस तू ही मेरी दुनिया बन जाए… हम्म… हम्म… तेरा ही नाम… तेरा ही नाम… तू क्यों बनी मेरी बैरन सी रात, ख्वाबों में आके कर गई वार… दिल मेरा रोए तेरे ही नाम, तू ही मेरी आखिरी पुकार… हम्म… हम्म… बैरन सी रात… बैरन सी रात…
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