Command (आज्ञा)
तेरे दर पर जब से आई हूँ, साकरा तेरे लोरी से सजे नूर। तेरे अबाध प्रेम की बहता बूँदों से, ख़ुशियों का सब्बा, कभी ना बहाएं। Chorus आज्ञा है कि एक-दूसरे से प्यार करें। सच्चा प्यार, तू है जीवन की आस। समस्त निहित महक में महकता हयात, सुभगता की बुनती। घटित होने दो, ख़ुदा भान द्युति। निभाएं, कृपा का आभा। Chorus आज्ञा है कि एक-दूसरे से प्यार करें। सच्चा प्यार, तू है जीवन की आस। पवित्र, निस्वार्थ सत्ता हो के सदा रहूँ, यहाँ न जुदा होके। इरादें से साफ सार बहे विचार। विलीन हो जाऊं, साया तेरा। Chorus आज्ञा है कि एक-दूसरे से प्यार करें। सच्चा प्यार, तू है जीवन की आस। सदैव चेतना भाव खुद में हो। शांतिपूर्ण ज़ेहन स्थिति प्राप्त हो। नम्र खाई और रियायत आलम हो। अनादि अनंत निर्गुण में कबूल हो। Chorus आज्ञा है कि एक-दूसरे से प्यार करें। सच्चा प्यार, तू है जीवन की आस। जाना और पाना खुद को, फल बड़े फूल गिरे जैसे गरूर। नीयत ही नियती तय करती है, सृष्टि तुम्हें प्रणाम। Concept, Tune & Script - Bruno Albert
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