एक दिन एक छोटा कुत्ता सड़क पार कर रहा था, तभी एक स्कूटर से उसका एक्सिडेंट हो गया। पास की बेकरी का मालिक रमेश तुरंत दौड़ा और कुत्ते को उठाकर पास के डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने कुत्ते की पट्टी की और कहा, "इसे थोड़ा आराम चाहिए।"
रमेश ने कुत्ते को अपनी बेकरी में रख लिया। हर दिन वह उसे खाना देता, दवा देता और प्यार से देखभाल करता। कुछ ही दिनों में कुत्ता ठीक हो गया। एक दिन, बेकरी में एक शरारती बंदर घुस आया और मिठाइयाँ चुराने लगा। तभी वह कुत्ता भौंकते हुए आया और बंदर को भगा दिया।
रमेश मुस्कराया और बोला, “आज तूने मेरी मदद की… जैसे मैंने उस दिन तेरी की थी।”