ज्ञान राशि के संचित कोष ही का नाम साहित्य है। सब तरह के भावों को प्रकट करने की योग्यता रखनेवाली और निर्दोष होने पर भी, यदि कोई भाषा अपना निज का साहित्य नहीं ...
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